बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. राज्य सरकार जल्द ही नई शिक्षक ट्रांसफर नीति लागू कर सकती है. शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर पॉलिसी का मसौदा तैयार कर लिया है और अब इसे कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है. माना जा रहा है कि अगली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है. इसके बाद जुलाई महीने में शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.नई नीति के तहत शिक्षकों को अपने पसंदीदा स्कूलों में ट्रांसफर के लिए 30 ऑप्शन चुनने का मौका मिलेगा. विभाग का उद्देश्य शिक्षकों की समस्याओं को कम करना और उन्हें बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है. चयनित विकल्पों और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर शिक्षकों की पोस्टिंग की जाएगी.
इस बार मेरिट को भी बनाया जाएगा आधार
पहली बार ऐसा होगा जब ट्रांसफर प्रक्रिया में मेरिट को भी अहम आधार बनाया गया है. अगर किसी स्कूल में निर्धारित संख्या से अधिक शिक्षक ट्रांसफर के लिए आवेदन करते हैं, तो मेरिट के आधार पर प्राथमिकता तय की जाएगी. साथ ही वरिष्ठ शिक्षकों को भी विशेष प्राथमिकता मिलने की संभावना है.
इस आधार पर किया जाएगा आकलन
शिक्षा विभाग ने हाल ही में राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या के अनुसार शिक्षकों की आवश्यकता का आकलन किया है. इसके तहत यह निर्धारित किया गया है कि किस स्कूल में किस विषय के कितने शिक्षकों की जरूरत है. इसी आधार पर ट्रांसफर और पोस्टिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
शिक्षा मंत्री ने क्या कहा था?
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार चाहती है कि शिक्षक बिना किसी तनाव के काम करें और बच्चों को बेहतर शिक्षा दे सकें. नई नीति में गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को घर के नजदीक पोस्टिंग देने का भी प्रावधान रखा गया है. शिक्षक बच्चों को अच्छे से पढ़ाएं, यही हमारा लक्ष्य है.