SAHARSA NEWS:- वासगीत पर्चा मिलने के बाद भी नहीं मिला कब्जा, महादलित परिवारों के आमरण अनशन को मिला समर्थन - Bihar City News

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Wednesday, June 24, 2026

SAHARSA NEWS:- वासगीत पर्चा मिलने के बाद भी नहीं मिला कब्जा, महादलित परिवारों के आमरण अनशन को मिला समर्थन

    ब्यूरो रिपोर्ट/सनातन कुमार 

सहरसा में वासगीत पर्चाधारी महादलित परिवारों का संघर्ष अब तेज होता दिख रहा है. जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग को लेकर जारी आमरण अनशन को सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों का समर्थन मिलने लगा है. आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और उग्र होगा.सहरसा जिले के सौरबाजार प्रखंड के वार्ड संख्या छह में वासगीत पर्चाधारी महादलित परिवारों द्वारा भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग को लेकर जारी आमरण अनशन को मंगलवार को नया समर्थन मिला. अधिवक्ता एवं कोशी विकास संघर्ष मोर्चा के संस्थापक अध्यक्ष विनोद कुमार झा तथा पूर्व जिला पार्षद सह मोर्चा के संरक्षक प्रवीण आनंद अनशन स्थल पर पहुंचे और आंदोलनरत परिवारों के समर्थन में खड़े होने की घोषणा की. दोनों नेताओं ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की.

अनशन पर बैठे परिवारों का आरोप है कि सरकार द्वारा वासगीत पर्चा जारी किए जाने के बावजूद अब तक उन्हें जमीन पर वास्तविक कब्जा नहीं दिलाया गया है. इससे वे वर्षों से अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित हैं.

पर्चा मिला, लेकिन जमीन पर नहीं मिला अधिकार
आमरण अनशन में शामिल गया देवी, अस्मिता देवी, चंदा देवी, शंभू देवी, ललिता देवी, कमला देवी, विष्णुदेव पासवान, विकास कुमार, सूरज कुमार, भवेश कुमार और मुकेश कुमार पासवान सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है.

अनशन स्थल पर पहुंचे विनोद कुमार झा ने कहा कि यदि सरकार किसी परिवार को वासगीत पर्चा प्रदान करती है, तो प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि लाभुकों को भूमि पर विधिवत दखल भी दिलाया जाए. उन्होंने कहा कि महादलित और कमजोर वर्ग के लोगों को वर्षों तक न्याय के लिए संघर्ष करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है.

प्रशासन को चेतावनी, आंदोलन तेज करने की तैयारी
पूर्व जिला पार्षद प्रवीण आनंद ने कहा कि प्रशासन को अविलंब कार्रवाई करते हुए पर्चाधारी परिवारों को उनकी जमीन पर कब्जा दिलाना चाहिए. साथ ही, अवरोध उत्पन्न करने वाले तत्वों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि यदि पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय नहीं मिला तो व्यापक जनसमर्थन के साथ आंदोलन को और तेज किया जाएगा. उन्होंने प्रशासन से स्थायी समाधान निकालकर अनशन समाप्त कराने की दिशा में पहल करने की मांग की.