रोहतास: बिहार के रोहतास जिले के डालमियानगर थाना क्षेत्र के प्रयाग बिगहा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने चर्चित ज्योति मौर्या प्रकरण की यादें ताजा कर दी हैं। एक पति ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद उसने अपनी पत्नी की पढ़ाई में पूरा सहयोग किया। पत्नी की बिहार पुलिस में नौकरी लगने के बाद वह कथित तौर पर अपने प्रेमी के साथ घर से चली गई। मामले को लेकर पति ने डालमियानगर थाने में लिखित शिकायत देकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
26 जनवरी 2025 को हुई थी शादी
प्रयाग बिगहा निवासी अजय सिंह की शादी 26 जनवरी 2025 को अर्चना भारती के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। पति के मुताबिक, शादी के शुरुआती करीब छह महीने तक दोनों के बीच सबकुछ सामान्य रहा और अर्चना अपने ससुराल में पति के साथ रह रही थी।
अजय सिंह का कहना है कि शादी के बाद उन्होंने पत्नी की पढ़ाई-लिखाई में पूरा सहयोग किया। इसी दौरान अर्चना का चयन बिहार पुलिस में हो गया। नौकरी लगने के बाद उसे प्रशिक्षण के लिए जाना था।
3 जुलाई को घर से चली गई पत्नी
पति के आरोप के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को अर्चना कथित तौर पर अपने प्रेमी के साथ घर से चली गई। अजय का दावा है कि पत्नी का डेहरी इलाके के गांधी नगर निवासी विवेक नामक युवक के साथ पहले से प्रेम-प्रसंग चल रहा था।
अजय के मुताबिक, परिवार के लोगों ने पहले भी अर्चना को विवेक के साथ मोबाइल पर चैट करते हुए पकड़ा था। उस समय परिवार ने उसे समझाया था। पति का कहना है कि अर्चना ने भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होने का भरोसा भी दिलाया था।
आभूषण और नकदी ले जाने का भी आरोप
अजय सिंह ने आरोप लगाया है कि पत्नी जब घर से गई तो अपने साथ शादी के आभूषण और नकदी भी ले गई। अजय डेहरी डालमियानगर परिषद में निजी काम करते हैं।
पुलिस कर रही मामले की जांच
मामले को लेकर अजय सिंह ने डालमियानगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी पत्नी और उसके कथित प्रेमी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला किन परिस्थितियों में घर से गई, उसके साथ कौन था और पति द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। महिला पुलिसकर्मी और युवक के बीच कथित संबंधों तथा आभूषण और नकदी ले जाने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
नोट: इस मामले में पत्नी या उसके कथित प्रेमी का पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।