Saharsa News: बिहार में शराबबंदी कानून के बावजूद तस्कर अलग-अलग तरकीबें अपनाकर शराब पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. सहरसा में शनिवार देर रात पुलिस ने ऐसी ही एक बड़ी तस्करी का भंडाफोड़ किया. सदर थाना पुलिस और जिला आसूचना इकाई की संयुक्त टीम ने वाहन जांच के दौरान एक टेंपू से 84.45 लीटर ब्रांडेड विदेशी शराब बरामद की और चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के सरगना की तलाश में जुटी है.
पुलिस को देख भागने लगे शराब तस्कर
जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल चौकी प्रभारी गुंजन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम सिमराहा ढाला के पास वाहन जांच अभियान चला रही थी. इसी दौरान कादिर चौक की ओर से आ रहा एक टेंपू पुलिस को देखकर अचानक मुड़ गया और भागने का प्रयास करने लगा. संदेह होने पर पुलिस टीम ने पीछा कर वाहन को रोक लिया.
टेंपू में चालक समेत चार लोग सवार थे. पूछताछ में उनकी पहचान बैजनाथपुर थाना क्षेत्र के इटहरा निवासी गोविंद कुमार तथा मुरली भरना निवासी राकेश कुमार, देवनाथ कुमार और धर्मेंद्र राय के रूप में हुई.
सीट के नीचे बने तहखाने से निकली शराब
पुलिस ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में वाहन की तलाशी ली. जांच के दौरान चालक सीट के नीचे बने विशेष तहखाने से विभिन्न ब्रांड की विदेशी शराब बरामद हुई. जब्त शराब में रॉयल स्टैग, ब्लेंडर्स प्राइड, सिग्नेचर प्रीमियर और ऑफिसर्स चॉइस ब्रांड शामिल हैं.
पुलिस ने बताया कि कुल 84.45 लीटर शराब बरामद की गई. अधिकांश बोतलों पर “For Sale in West Bengal Only” अंकित पाया गया, जिससे स्पष्ट हुआ कि यह खेप बंगाल से लाई जा रही थी.
पूछताछ में चालक गोविंद कुमार ने बताया कि शराब की यह खेप संतनगर निवासी दिलखुश साह के लिए लाई जा रही थी. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दिलखुश साह कथित तौर पर शराब तस्करी नेटवर्क का प्रमुख संचालक है, जो बंगाल से शराब मंगवाकर शहर और आसपास के इलाकों में सप्लाई कराता था.
मोबाइल और तीन चक्का वाहन भी जब्त
तलाशी के दौरान चारों आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किए गए. पुलिस ने शराब तस्करी में प्रयुक्त टेंपू (BR43PA-3288) को भी जब्त कर लिया है. सभी आरोपियों के खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर शराब तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है. संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है. प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में शराब तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा.