(किशनगंज)। जिले में घरेलू गैस सिलिंडरों के कथित अवैध उपयोग के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जन सुराज पार्टी के नेता सह ठाकुरगंज विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी इकरामुल हक के ईंट-भट्टा पर छापा मारा।कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने कुल 62 गैस सिलिंडर बरामद किए, जिसके बाद संबंधित मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
एकसाथ इतनी बड़ी संख्या में घरेलू सिलिंडर मिलने से इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। मंगलवार देर शाम जिला प्रशासन के निर्देश पर एसडीएम अनिकेत कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने जियापोखर थाना क्षेत्र अंतर्गत बंदरझुला पंचायत स्थित निहार ईंट-भट्टा पर छापामारी की।
इस दौरान एसडीपीओ-2 मंगलेश कुमार सिंह, खनिज विभाग पदाधिकारी प्रणव कुमार प्रभाकर, राजस्व अधिकारी राहुल कुमार, जियापोखर थानाध्यक्ष गौतम कुमार, पौआखाली थानाध्यक्ष अंगद कुमार समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहे।
छापामारी के दौरान टीम ने ईंट-भट्टा परिसर से 62 घरेलू गैस सिलिंडर बरामद किए। इनमें 54 बड़े एवं 8 छोटे सिलिंडर शामिल हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, कई सिलिंडरों में गैस भरी हुई थी तथा उनका उपयोग व्यावसायिक कार्यों में किया जा रहा था। घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित एलपीजी सिलिंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल को नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
डीएम को मिली थी सूचना:-
अनुमंडल पदाधिकारी अनिकेत कुमार ने बताया कि जिला पदाधिकारी को गुप्त सूचना मिली थी कि संबंधित ईंट-भट्टा में घरेलू गैस सिलिंडरों का अवैध तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सूचना की सत्यता की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई और तत्पश्चात छापामारी की गई। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में सिलिंडर बरामद होने के बाद प्रशासन ने तत्काल कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।
जन सुराज नेता से जुड़ा है मामला:-
जिला प्रशासन के अनुसार जिस ईंट-भट्टा से सिलिंडर बरामद हुए, उसका संचालन जन सुराज नेता इकरामुल हक द्वारा किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इकरामुल हक हाल ही में
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार भारती ने आधिकारिक पत्र जारी कर इसकी घोषणा की थी। इकरामुल हक वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में ठाकुरगंज विधानसभा सीट से जन सुराज के प्रत्याशी भी रह चुके हैं।
आपूर्ति विभाग के आवेदन पर दर्ज हुई प्राथमिकी:-
इस मामले में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ठाकुरगंज सुमित कुमार के लिखित आवेदन पर संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है और यह पता लगाया जा रहा है कि घरेलू गैस सिलिंडरों की इतनी बड़ी खेप वहां कैसे पहुंची और कब से उनका उपयोग किया जा रहा था।