MADHUBANI NEWS:- 419 KG गांजा बरामद, डायल 112 का चालक समेत 4 गिरफ्तार, थानाध्यक्ष और एसआई सस्पेंड - Bihar City News

Breaking News

Saturday, June 13, 2026

MADHUBANI NEWS:- 419 KG गांजा बरामद, डायल 112 का चालक समेत 4 गिरफ्तार, थानाध्यक्ष और एसआई सस्पेंड

    ब्यूरो रिपोर्ट/सनातन कुमार 

MADHUBANI:भारत-नेपाल के सीमावर्ती इलाके में मादक पदार्थों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है. मधुबनी जिले के बासोपट्टी थाना क्षेत्र में एसपी योगेंद्र कुमार के नेतृत्व में गठित एसटीएफ की टीम ने एक पिकअप वाहन से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है. जब्त किए गए गांजे का कुल वजन करीब 419 किलो बताया जा रहा है. इस बड़ी तस्करी के खुलासे के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. मामले में मुख्य अभियुक्त विनोद सहनी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं, तस्करों से सांठगांठ और लापरवाही के आरोप में बासोपट्टी थाना प्रभारी विकास कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

पुलिस महकमे में खलबली
एसपी योगेंद्र कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि बासोपट्टी के रास्ते गांजे की एक बहुत बड़ी खेप ले जाई जा रही है. सूचना के आधार पर जयनगर डीएसपी सचिदानंद कुमार और एसटीएफ की विशेष टीम ने झिटकोहिया-कौआहा मुख्य सड़क पर नाकेबंदी कर एक संदिग्ध पिकअप वैन को रोका. तलाशी के दौरान वाहन से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ. मामले की गंभीरता को देखते हुए दरभंगा प्रक्षेत्र के डीआईजी मनोज कुमार तिवारी भी खुद बासोपट्टी थाना पहुंचे और पूरे प्रकरण की गहन जानकारी ली.इस काली कमाई के नेटवर्क में पुलिस कर्मियों की संलिप्तता भी सामने आई है. एसपी ने बताया कि तस्करी को शह देने के आरोप में इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (डायल 112) के चालक को भी गिरफ्तार कर उसपर प्राथमिकी दर्ज की गई है. इसके साथ ही, ड्यूटी से गायब रहने वाले डायल 112 के पदाधिकारी हीरा पंडित को भी सस्पेंड कर दिया गया है.

मुख्य आरोपी गिरफ्तार, आधा दर्जन से अधिक पर दर्ज F.I.R
इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने पिकअप के ड्राइवर, खलासी और तस्करों को लाइनिंग (रास्ता क्लियर) देने वाले एक शख्स को दबोचा है. गिरोह के मुख्य सरगना विनोद सहनी को भी एसटीएफ ने धर दबोचा है. जयनगर डीएसपी सचिदानंद कुमार ने बताया कि इस मामले में कानूनी प्रक्रिया तेजी से चल रही है. अब तक इस पूरे सिंडिकेट में आधा दर्जन से अधिक लोगों की संलिप्तता के सबूत मिले हैं, जिन पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है.