आलमनगर,मधेपुरा। आलमनगर नगर पंचायत वार्ड संख्या 11 में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। युवती के पिता ने दामाद, सास-ससुर समेत छह लोगों पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए आलमनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। घटना का खुलासा तब हुआ जब खगड़िया से पहुंचे पिता को बेटी के ससुराल में ग्रामीणों ने बताया कि उसकी मौत करीब छह माह पहले ही हो चुकी है।
पुलिस ने पीड़ित पिता के आवेदन पर दामाद दिलरंजन कुमार, ससुर किशोर राम, सास ललिता देवी, देवर गुरुदेव कुमार, नील राम और दामाद के दोस्त आशुतोष आनंद के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
इंस्टाग्राम पर हुआ प्रेम, परिवार की मर्जी के खिलाफ की शादी
खगड़िया जिले के दाननगर वार्ड संख्या 14 निवासी राजनीतिक साहनी ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उनकी पुत्री कुमकुम कुमारी का आलमनगर निवासी दिलरंजन कुमार से इंस्टाग्राम के माध्यम से प्रेम संबंध हुआ था। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों घर से भाग गए और 24 अप्रैल 2024 को मंदिर में विवाह करने के बाद सहरसा में कोर्ट मैरिज कर ली।
राजनीतिक साहनी ने बताया कि बाद में बेटी ने whatsapp पर वैवाहिक शपथ पत्र भेजा। बेटी बालिग थी, इसलिए उसकी खुशी को देखते हुए परिवार ने विवाह को स्वीकार कर लिया। कुछ दिनों बाद बेटी-दामाद को घर बुलाया गया। इस दौरान दामाद के माता-पिता और भाई को भी निमंत्रण देकर बुलाया गया था।
बेटी को उपहार देकर किया था विदा
बेटी को उपहार देकर किया था विदा
पीड़ित पिता ने बताया कि सामाजिक परंपरा के तहत बेटी को फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, बर्तन, कपड़े और सोने-चांदी के जेवरात देकर सम्मानपूर्वक विदा किया गया था। इसके बाद बेटी और दामाद का मायके आना-जाना भी लगा रहा।
उन्होंने बताया कि कुछ समय बाद उनकी पत्नी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हो गईं। इलाज के दौरान पूरा परिवार परेशानियों से जूझ रहा था। इसी बीच कुमकुम अपनी मां से मिलने की इच्छा जताती रही, लेकिन ससुराल पक्ष के लोग बहाना बनाकर उसे मायके नहीं आने देते थे।
नकदी और जेवर लेने का भी लगाया आरोप
राजनीतिक साहनी ने आरोप लगाया कि नौकरी का बहाना बनाकर दामाद और उसके परिवार वालों ने 1.80 लाख रुपये नकद और करीब 2.20 लाख रुपये के जेवरात भी ले लिए। इसके बाद आरोपित लगातार बुलेट मोटरसाइकिल और पांच लाख रुपये की मांग करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर उनकी पुत्री को प्रताड़ित किया जाता था।
उन्होंने बताया कि 19 दिसंबर 2025 को उनकी पुत्री से अंतिम बार बातचीत हुई थी। इसके बाद उनका मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट में डाल दिया गया। इसी बीच 22 अप्रैल 2026 को कैंसर से पीड़ित उनकी पत्नी का निधन हो गया। इसकी सूचना भी उन्होंने मैसेज के जरिए बेटी और दामाद को दी, लेकिन ससुराल पक्ष से कोई व्यक्ति अंतिम संस्कार में शामिल होने नहीं पहुंचा।
ससुराल पहुंचने पर खुला मौत का राज
पीड़ित पिता ने बताया कि 24 मई को जब वे बेटी की ससुराल पहुंचे तो दामाद घर पर नहीं मिला। आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि उनकी पुत्री की मौत करीब छह माह पहले ही हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की जानकारी जुटाई और गुरुवार शाम आलमनगर थाना पहुंचकर दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है।