सहरसा के सोनवर्षा विधानसभा सीट से विधायक रत्नेश सदा ने आज (गुरुवार) को बिहार सरकार में मंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद पूरे इलाके में खुशी का माहौल देखा गया।
विशेष रूप से एससी समुदाय और उनके समर्थकों के बीच उत्साह की लहर है। लोग इसे क्षेत्र और महादलित समाज के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि मान रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मंत्री बनने के बाद क्षेत्र में रत्नेश सादा की राजनीतिक पकड़ पहले से और मजबूत हुई है।
महिषी प्रखंड के बलिया सिमर गांव के साधारण परिवार से आने वाले रत्नेश सदा ने ग्रामीण चिकित्सक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी।
बिहार की राजनीति में कुछ नेता ऐसे होते हैं, जिनकी पहचान केवल पद से नहीं बल्कि संघर्ष, सादगी और जनता से जुड़ाव से बनती है। सहरसा जिले के सोनवर्षा विधानसभा क्षेत्र से लगातार चार बार विधायक चुने गए रत्नेश सदा ऐसे ही नेताओं में शामिल हैं।
बिहार सरकार में एक बार फिर मंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने के साथ ही रत्नेश सदा का राजनीतिक कद और मजबूत हुआ है। वे अब तीसरी बार मंत्री बने हैं। खास बात यह है कि वे सहरसा जिले के ऐसे एकमात्र विधायक हैं, जिन्होंने लगातार चार चुनाव जीतकर अपनी मजबूत जनाधार वाली राजनीति को साबित किया है।
दियारा के छोटे गांव से राजनीति तक का सफर
कोसी दियारा क्षेत्र के कुंदह पंचायत अंतर्गत बलिया सिमर गांव से आने वाले रत्नेश सदा का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उनका परिवार बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आता है। उनके पिता दिहाड़ी मजदूर थे और कठिन परिस्थितियों में परिवार का पालन-पोषण करते थे। इन्हीं हालातों के बीच पले-बढ़े रत्नेश सदा ने समाज के वंचित और महादलित वर्गों के लिए काम करने का संकल्प लिया