भागलपुर जिले से 5 बच्चियां अचानक लापता हो गई हैं।नाथनगर थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या-1 से पांच बच्चियों के रहस्यमय तरीके से गायब होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि गांव की एक और बच्ची को साथ ले जाने पर बहुत पैसे देने की बात इन सभी से कही गई थी लेकिन वो नहीं गई। गुरुवार सुबह जब उन बच्चियों के गायब की बात सामने आई तो संध्या नाम की इस बच्ची ने इस बात का खुलासा किया। पांच बच्चियों के इस तरह लापता होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। गायब होने वाली बच्चियों में पल्लवी, गंगा, श्वेता आदि शामिल हैं। परिजनों का आरोप है कि रात में ही पुलिस को सूचना दी गई लेकिन पुलिस ने तत्परता नहीं दिखाई।
संध्या ने बताया कि पल्लवी उसके सााथ ही पढ़ती है। बताया जा रहा है कि बुधवार देर रात करीब 11 बजे के बाद से सभी बच्चियां अचानक लापता हैं। सभी बच्चियों की उम्र करीब 8 से 10 साल बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार सभी बच्चियां एक ही गांव की रहने वाली थीं और आपस में दोस्ती थीं। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में हड़कंप और दहशत का माहौल बना हुआ है।
परिजन रातभर बच्चियों की तलाश में जुटे रहे, लेकिन अबतक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मामले को लेकर परिजनों ने नाथनगर थाना पहुंचकर पुलिस से जल्द खोजबीन की गुहार लगाई है। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस की ओर से अबतक गंभीर पहल नहीं की गई है। घटना को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पुलिस लोगों से पूछताछ कर रही है। लोगों को आशंका है कि बच्चियां मानव तस्कर गिरोह के चंगुल में हो सकती है।
मोतिहारी से रेस्क्यू हुए थे बच्चे
आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले मोतिहारी जिले से यह खबर सामने आई थी कि यहां रेलवे सुरक्षा बल के जवानं ने 21 बच्चों को मानव तस्करों के चंगुल से बचाया था। उस वक्त यह जानकारी सामने आई थी कि इन सभी को पढ़ाई और मेडिकल की तैयारी का झांसा देकर ले जाया जा रहा था। लेकिन आरपीएफ के जवानों ने बापूधाम मोतिहारी स्टेशन पर इन बच्चों को तस्करों के चंगुल से छुड़ा लिया था। इनमें 5 लड़कियां और 16 लड़के शामिल थे। सभी की उम्र 4 से 18 वर्ष के बीच थी। जांच में जो लोग बच्चों को ले जा रहे थे उनके पास से कोई आईडी प्रूफ नहीं मिला था।