अररिया जिले की पलासी थाना क्षेत्र के कनखुदिया चौक के पास से 18 मई की संध्या अपहृत किशोर का शव मंगलवार रात्रि पलासी थाना क्षेत्र के बेलबाड़ी गांव के बांसबिट्टी से बरामद हुआ था। पुलिस ने 10 घंटे के भीतर इस मामले का खुलासा किया।
मृतक कनखुदिया गांव निवासी श्री लाल महतो का पुत्र विशाल कुमार महतो (17) था। वह उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय करोड़ दिघली में दसवीं कक्षा में पढ़ता था। मामले में पुलिस ने दो विधि-विरुद्ध बालकों को निरुद्ध किया है
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त दबिया, बाइक और मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। शव मिलने की सूचना पर मृतक के स्वजनों में कोहराम मच गया। इस हत्याकांड का अररिया पुलिस ने महज 10 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया।
नाबालिगों ने स्वीकार किया हत्या की बात
एसपी जितेंद्र कुमार ने बुधवार को प्रेस वार्ता में बताया कि 19 मई को कनखुदिया गांव से 17 वर्षीय किशोर के अपहरण की सूचना मिलने के बाद पलासी थाना कांड संख्या 212/2026 दर्ज किया गया।
प्राथमिकी दर्ज होते ही एसडीपीओ सुशील कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई। तकनीकी अनुसंधान, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और मानवीय स्रोतों के आधार पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। संदेह के आधार पर मृतक के दो नाबालिग दोस्तों से पूछताछ की गई, जहां दोनों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
4 करोड़ के लिए मर्डर
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक और उसके दोस्त ऑनलाइन मोबाइल गेम खेलते थे, जिसमें पैसे गेम के वॉलेट में मिलते थे। इसी गेम में पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ।
दोस्तों ने बताया कि गेम में करीब चार करोड़ का बैलेंस दिख रहा था, लेकिन वह राशि वास्तविक रूप से अकाउंट में ट्रांसफर नहीं हुई थी और फर्जी बैलेंस प्रदर्शित हो रहा था। इसी विवाद में दोनों दोस्तों ने मिलकर विशाल की हत्या कर दी।
बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने की अपील
पुलिस ने दोनों विधि-विरुद्ध बालकों की निशानदेही पर चंडीपुर चरारनी स्थित बांसबिट्टी से विशाल कुमार महतो का शव बरामद किया। शव से करीब 50 मीटर दूर पानी भरे गड्ढे से हत्या में प्रयुक्त दबिया भी बरामद की गई। इसके अलावा मृतक का मोबाइल फोन, घटना में प्रयुक्त बाइक तथा अभियुक्तों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए हैं।
एसपी जितेंद्र कुमार ने कहा कि बच्चों को मोबाइल देने के बाद उनकी गतिविधियों पर नजर रखना बेहद जरूरी है। ऑनलाइन गेम और डिजिटल प्लेटफार्म की बढ़ती लत कई बार गंभीर आपराधिक घटनाओं का कारण बन रही है। अभिभावकों से बच्चों के व्यवहार में हो रहे बदलावों पर विशेष ध्यान देने की अपील की गई है।
छापेमारी टीम में पलासी थानाध्यक्ष पुनि मिथिलेश कुमार, पुअनि. रौशन कुमार, पुअनि मिथुन कुमार शर्मा, सअनि. विजय कुमार यादव, चौकीदार सुरेंद्र कुमार, महिला सिपाही धनौती कुमारी, महिला गृह रक्षक पूजा कुमारी, लक्ष्मी मंडल एवं चौकीदार कुंदन कुमार शामिल थे।