DARBHANGA NEWS :- ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में होमगार्ड जवान की मौत, राजकीय सम्मान से दी गई अंतिम सलामी; ₹4 लाख अनुदान और आश्रित को नौकरी - Bihar City News

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Tuesday, July 28, 2026

DARBHANGA NEWS :- ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में होमगार्ड जवान की मौत, राजकीय सम्मान से दी गई अंतिम सलामी; ₹4 लाख अनुदान और आश्रित को नौकरी




दरभंगा: दरभंगा जिले के सिमरी थाना क्षेत्र स्थित वृहद आश्रम में ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवान सुमित कुमार यादव की सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। मंगलवार को उनके पार्थिव शरीर को बिहार गृह रक्षा वाहिनी कार्यालय लाया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर (अंतिम सलामी) देकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया।

मृतक की पहचान कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के मरकही गांव निवासी स्वर्गीय लालबाबू यादव के बड़े पुत्र एवं गृह रक्षक संख्या-302051 सुमित कुमार यादव के रूप में हुई है। उनके निधन से पूरे गृह रक्षा वाहिनी विभाग और क्षेत्र में शोक की लहर है।

भोजन करने जाते समय अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर

जानकारी के अनुसार, सुमित कुमार यादव ड्यूटी के दौरान भोजन करने के लिए होटल जा रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया।

सूचना मिलते ही विभागीय कर्मियों ने गंभीर रूप से घायल जवान को तत्काल दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण मंगलवार सुबह उनकी मौत हो गई। घटना के बाद बेंता थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया।

राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर को बिहार गृह रक्षा वाहिनी कार्यालय लाया गया, जहां अधिकारियों और जवानों ने पूरे सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी। इस दौरान बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी, जवान और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

परिवार को ₹4 लाख अनुदान और आश्रित को नौकरी

बिहार गृह रक्षा वाहिनी, दरभंगा के वरीय जिला समादेष्टा मोहम्मद फैज अहमद ने बताया कि विभाग इलाज से लेकर अंतिम संस्कार तक हर स्तर पर परिवार के साथ खड़ा रहा।

उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से मृतक के आश्रितों को ₹4 लाख की अनुदान राशि दी जाएगी। इसके अलावा वैध आश्रित को अनुकंपा के आधार पर होमगार्ड में नौकरी, मृतक की पत्नी अथवा वैध उत्तराधिकारी को पेंशन तथा विभागीय नियमों के अनुसार सभी अन्य देय लाभ भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक के चाचा मनीष कुमार यादव ने बताया कि जब परिजन डीएमसीएच पहुंचे, तब सुमित की हालत बेहद गंभीर थी। विभागीय अधिकारियों और चिकित्सकों ने पूरी कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

परिजनों ने बताया कि सुमित के पिता का पहले ही निधन हो चुका था। अब उनकी असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार में उनकी वृद्ध मां, एक भाई और एक बहन हैं। घर के एकमात्र कमाऊ सदस्य के निधन से परिवार आर्थिक संकट में आ गया है। परिजनों ने सरकार से हरसंभव सहायता की मांग की है।