SAHARSA NEWS:- BPSC छात्र को थर्ड डिग्री देने वाली महिला दारोगा सस्पेंड, रिश्वतखोरी और बर्बरता पर SP का एक्शन - Bihar City News

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Tuesday, May 19, 2026

SAHARSA NEWS:- BPSC छात्र को थर्ड डिग्री देने वाली महिला दारोगा सस्पेंड, रिश्वतखोरी और बर्बरता पर SP का एक्शन


Saharsa News: सहरसा बलवाहाट थाना में खाकी को शर्मसार करने वाली महिला सब-इंस्पेक्टर शिल्पी कुमारी पर आखिरकार गाज गिर गई है। बीपीएससी अभ्यर्थी को आधी रात घर से उठाकर बेरहमी से पीटने और रिश्वत लेकर छोड़ने की खबर प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद, सहरसा एसपी हिमांशु ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला दारोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

पुलिस महकमे में हड़कंप

बीते दिनों बलवाहाट थाना पुलिस की इस बर्बरता की खबर सामने आने के बाद महकमे की काफी किरकिरी हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी हिमांशु ने इसे अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार का गंभीर मामला माना। एसपी की इस कार्रवाई से जिले के लापरवाह पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया है।

क्या था बलवाहाट थाना का मामला विस्तार में

16 मई की रात बलवाहाट थाना में पदस्थापित एसआई शिल्पी कुमारी ने बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के भटपुरा गांव निवासी प्रवेश कुमार, जो बीपीएससी अभ्यर्थी था को बिना किसी आरोप या वारंट के घर से उठाया था। उसके बाद आरोप है कि छात्र को थाने ले जाकर अपराधियों की तरह बुरी तरह पीटा गया। पिटाई से उसकी हालत इतनी बिगड़ी कि उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। वही परिजनों का आरोप है कि छात्र को छोड़ने के लिए 50 हजार की मांग की गई थी, लेकिन 10 हजार रुपये रिश्वत लेने के बाद उसे छोड़ा गया।

थानाध्यक्ष को नहीं थी कोई जानकारी

इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि बलवाहाट थानाध्यक्ष राजू कुमार को इस आधी रात वाले ऑपरेशन की भनक तक नहीं थी। थाने के रोजनामचे में भी छात्र के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं था, जो सीधे तौर पर महिला दारोगा की मनमानी को दर्शाता है।

विस्तृत जांच के आदेश

एसपी हिमांशु ने सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर को पूरे प्रकरण की गहन जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। एसडीपीओ ने बताया कि मीडिया में खबर आने के बाद प्रारंभिक रिपोर्ट एसपी को भेजी गई थी, जिस पर सस्पेंशन हुआ है। अब विस्तृत जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सहरसा एसपी की चेतावनी

एसपी हिमांशु ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस की छवि खराब करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। सस्पेंशन के बाद अब विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर महिला प्रभारी पर कार्रवाई होगी ।